उत्तरी स्पेन में आल्टामीरा की गुफा में चित्रित एक गौर यानी जंगली बैल आल्टामीरा के गुफा चित्र
आल्टामीरा स्पेन में स्थित एक गुफा स्थल है । आल्टामीरा की गुफा की छत पर बनी चित्रकारियों की ओर मार्सिलीनो सैंज दि सउतुओला ( Marcelino Sanz de Sautuola ) का ध्यान उसकी बेटी मारिया द्वारा नवंबर 1879 में दिलाया गया था । मार्सिलीनो एक स्थानीय भूस्वामी तथा शौकीन पुरातत्त्वविद् थे और उनकी नन्हीं सी लड़की गुफा में इधर - उधर दौड़ और खेल रही थी में जबकि उसके पिता गुफा के फर्श की खुदाई कर रहे थे । अचानक मारिया की नज़र छत पर बनी चित्रकारियों पर पड़ी ; वह तुरंत चिल्ला उठी “ पापा देखो , बैल ! " , एक बार तो उसके पिता ने बेटी की बात को हँसी में उड़ा दिया । पर तुरंत ही उन्हें यह अहसास हुआ कि छत पर सचमुच कुछ चित्रकारियाँ में है । बनी हुई हैं जिनमें रंग की बजाय किसी प्रकार की लेई ( पेस्ट ) का इस्तेमाल किया गया फिर तो उसका मन उमंग से इतना भर उठा कि वह हतप्रभ हो गए और अगले ही वर्ष उन्होंने एक पुस्तिका प्रकाशित की लेकिन लगभग दो दशकों तक उनकी खोज के निष्कर्षों को यूरोपीय पुरातत्त्वविदों ने इस आधार पर स्वीकार नहीं किया , कि ये चित्रकारियाँ इतनी ज्यादा अच्छी हैं कि ये उतनी प्राचीन नहीं हो सकतीं ।